सिटी बिग न्यूज
प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 20 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हादसे की वजहें:
- अमृत स्नान के कारण पांटून पुल बंद: संगम क्षेत्र में पहुंचने वाली भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे अव्यवस्था उत्पन्न हुई।
- एंट्री और एग्जिट का एक ही रास्ता: श्रद्धालु एक ही रास्ते से आ और जा रहे थे, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी।

पीएम मोदी ने कहा- प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की और कहा कि गंगा हर जगह पवित्र है, जहां संभव हो वहीं स्नान करें।
- प्रशासन ने प्रयागराज से सटे जिलों में भीड़ को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक बयान:
- राहुल गांधी ने इसे सरकार की बदइंतजामी और वीआईपी कल्चर का नतीजा बताया।
- अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ की सुरक्षा सेना के हवाले कर देनी चाहिए।
प्रशासन का दावा: SSP राजेश द्विवेदी ने कहा कि भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं थी, केवल अधिक भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालु घायल हुए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
सुरक्षा प्रबंध:
- संगम क्षेत्र में 60,000 से अधिक जवान तैनात हैं।
- 70 से अधिक एंबुलेंस घायलों की मदद के लिए मौजूद हैं।
- संगम नोज क्षेत्र में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।
आज मौनी अमावस्या का स्नान होने के कारण 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।




































