सिटी बिग न्यूज | फतेहाबाद
फतेहाबाद में मकान के विवाद में अपने दिव्यांग भाई की बेरहमी से हत्या करने वाले व्यक्ति को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषी ने अपने भाई का गला काटने के बाद उसके सिर को पॉलीथिन में डालकर खूंटी पर टांग दिया और रातभर वहीं बैठा रहा।
अदालत का फैसला
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” केस मानते हुए दोषी को मृत्युदंड सुनाया। साथ ही, अन्य धाराओं में 15 साल की कैद और 35 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी दी।
क्या है पूरा मामला?
- परिवार की पृष्ठभूमि:
शिकायतकर्ता सुषमा ने बताया कि वे 6 भाई-बहन हैं। दो भाइयों की मौत हो चुकी है। 40 वर्षीय दिव्यांग भाई दीपक अपनी मां के साथ टोहाना में रहता था। मकान की रजिस्ट्री मां ने 10 साल पहले दीपक के नाम करवाई थी। - हत्या की वजह:
दूसरा भाई अशोक इस रजिस्ट्री को लेकर रंजिश रखता था और कई बार दीपक को जान से मारने की धमकी दे चुका था। - घटना का विवरण:
17 जून 2020 को अशोक, दीपक के घर पहुंचा और शराब पी। अगले दिन सुबह, दीपक का शव बरामदे में खून से लथपथ मिला। उसकी गर्दन धारदार हथियार से काटी गई थी, और सिर गायब था। - आरोपी का कबूलनामा:
पुलिस रिमांड में अशोक ने बताया कि उसने दीपक का सिर पॉलीथिन में डालकर खूंटी पर टांगा और रातभर वहीं बैठा रहा। सुबह वह सिर और अन्य सामान लेकर चला गया।
अदालत का निर्णय और सजा
- आईपीसी की धारा 302: मृत्युदंड और 20,000 रुपए जुर्माना।
- अन्य धाराएं: धारा 457, 506, 201 के तहत 5-5 साल की कैद और 5-5 हजार रुपए जुर्माना।
न्याय के लिए सफल पैरवी
जिला उप न्यायवादी अरुण कुमार ने इस मामले में सफल पैरवी की। यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली है और समाज में कानून की सख्ती की आवश्यकता को रेखांकित करती है।




































