दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में हरियाणा को बड़ा सम्मान मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाणा को ‘बेस्ट स्टेट’ श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान मिला है।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि हरियाणा की जनता, किसानों और सरकार की सामूहिक कोशिशों का परिणाम है। उन्होंने कहा—
“राष्ट्रीय जल पुरस्कार में तीसरा स्थान मिलना गर्व की बात है। यह सम्मान जनता की जागरूकता और किसानों की मेहनत को समर्पित है। हरियाणा सरकार की योजनाओं ने स्वर्गीय चौधरी बंशीलाल और सुरेंद्र सिंह के सपनों को साकार करने में मदद की है। हम सब मिलकर जल संरक्षण में एक नई मिसाल बना रहे हैं। यह पुरस्कार हरियाणा का है।”
2018 से जारी हो रहा है राष्ट्रीय जल पुरस्कार
जल संरक्षण, प्रबंधन और स्थायी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने 2018 में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश में जल के महत्व को समझाने और लोगों को प्रभावी जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

पुरस्कार लेने के बाद मंच पर मौजूद अन्य केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से मिलती कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी।
तीन कैटेगरी में हरियाणा की बड़ी उपलब्धि
केंद्र सरकार द्वारा घोषित परिणामों के मुताबिक, ‘बेस्ट स्टेट’ श्रेणी में महाराष्ट्र पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर रहा, जबकि हरियाणा तीसरे पायदान पर पहुंचा। राज्य में वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई और ‘जल ही जीवन है’ अभियान जैसी पहलें इस उपलब्धि का आधार बनीं।
अलग-अलग श्रेणियों में भी मिला सम्मान
हरियाणा को कुल 4 राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिले हैं।
-
‘बेस्ट इंस्टीट्यूट’ श्रेणी (स्कूल-कॉलेज को छोड़कर) में हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (CCSHAU) को पहला स्थान (ज्वाइंट विनर) प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालय को कृषि जल प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्यों के लिए चुना गया।
-
‘बेस्ट इंडस्ट्री’ कैटेगरी में दो पुरस्कार हरियाणा के खाते में गए।
-
गुरुग्राम की हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड को दूसरा स्थान,
-
झज्जर की झज्जर पावर लिमिटेड को तीसरा स्थान मिला।
इस श्रेणी में तमिलनाडु की अपोलो टायर्स लिमिटेड को पहला स्थान दिया गया है।
-
पुरस्कार समारोह के दौरान मंत्री श्रुति चौधरी अन्य केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से भी मिलीं। यह सम्मान हरियाणा के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाता है।




































