हिसार में सोमवार को इनेलो कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। काफी संख्या में जुड़े कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय तक पैदल चलकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और सरकार से फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि लगातार बारिश और जलभराव से जिले के हजारों किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।


इनेलो के राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद लोहान ने बताया कि हिसार जिले की करीब 50 हजार एकड़ भूमि पर अब भी पानी भरा खड़ा है, जिससे रबी की बिजाई नहीं की जा सकेगी । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले दस दिनों में खेतों से पानी नहीं निकाला गया, तो किसान अगली फसल की बुवाई नहीं कर पाएंगे।
50 हजार रुपये प्रति एकड़ माँगा मुआवजा
लोहान ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपने घाटे की भरपाई कर सके। उन्होंने कहा की किसान न तो अपनी फसल को सही मूल्यों पर बेच पाते हैं और न ही बिमा कम्पनिया उनकी फसल खराबे का सही मूलयांकन करती हैं। धान की बिक्री में नमी बताकर प्रति क्विंटल पर 300-400 रूपए की कटौती काटी जा रही है । वहीं पर बाजरे में भवान्तर योजना के तहत 700-800 रूपए प्रति किवेंटल का अंतर हैं। लेकिन किसानो को केवल 600 रूपए प्रति क्विंटल ही प्राप्त हो रहे हैं। कपास की खरीद में क्वालिटी का नाम लेकर कटौती काटी जाती है।
बिमा कंपनियों पर भी लगाए आरोप
लोहान ने कंपनियों पर आरोप लगते हुए कहा की वे किसानो के दावों के समाधान में बेपरवाही दिखते हैं। उन्होंने सरकार से खास मांग की हैं कि बिमा दावों का विशेष मॉनिटरिंग कर किसानो शीघ्रता से भुगतान दिया जाए।




































