इस साल नवंबर में होने वाले अमेरिका के आम चुनाव में ओहियो के सीनेटर जेडी वैंस अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। रिपब्लिकन नेता और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैंस को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। 39 वर्षीय वैंस की शादी भारतवंशी उषा चिलुकुरी वैंस से हुई है, जो आंध्र प्रदेश की मूल निवासी हैं। आइए, जेडी वैंस के राजनीतिक सफर और उनके जीवन पर एक नजर डालते हैं।
2016 में आलोचक, आज समर्थक
करीब आठ साल पहले, 2016 में जब राष्ट्रपति चुनाव हो रहा था, जेडी वैंस डोनाल्ड ट्रंप के कड़े आलोचक थे। उन्होंने ट्रंप को ‘बेवकूफ’ कहकर बुलाया और उनकी तुलना एडॉल्फ हिटलर से कर दी थी। पर आज, वही जेडी वैंस ट्रंप के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बन गए हैं। समय का ये फेर उनके राजनीतिक सफर में एक बड़ी बदलाहट लेकर आया है।
वैंस का प्रारंभिक जीवन
जेडी वैंस का जन्म 2 अगस्त 1984 को ओहियो के मिडलटाउन में एक गरीब परिवार में हुआ था। उनका पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने किया, जिनकी देखभाल उनकी दादी ने विशेष रूप से की। वैंस ने अमेरिकी मरीन कॉर्प्स में सेवा की और इराक युद्ध में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी और येल लॉ स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
‘हिलबिली एलेजी’ और प्रसिद्धि
वैंस को 2016 में अपनी आत्मकथा ‘हिलबिली एलेजी’ से प्रसिद्धि मिली, जो बेस्टसेलर बन गई और नेटफ्लिक्स पर फिल्माई गई। यह किताब उनके बचपन के संघर्षों और रस्ट बेल्ट क्षेत्र में श्वेत श्रमिक वर्ग के सामने आने वाली सांस्कृतिक और आर्थिक चुनौतियों का वर्णन करती है।
ट्रंप से संबंधों में सुधार
हालांकि वैंस ने ट्रंप की जमकर आलोचना की थी, लेकिन बाद में उनके विचार बदल गए। वैंस का कहना है कि 2021 में ट्रंप से मिलने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने ओहियो में अमेरिकी सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ा और ट्रंप के समर्थन से रिपब्लिकन नामांकन जीता। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार टिम रयान को हराया और 3 जनवरी 2023 को पद की शपथ ली।
ट्रंप के साथ संबंधों का उतार-चढ़ाव
वैंस पहले ट्रंप के सबसे बड़े बेटे, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर से मिले और उनके घनिष्ठ बन गए। 2022 में ओहियो सीनेट प्राइमरी के दौरान वैंस ने यूक्रेन को सहायता देने का विरोध किया, जिसने ट्रंप जूनियर का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया। उनके और ट्रंप के बीच संबंध इस साल की शुरुआत में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्राइमरी के दौरान और भी मजबूत हो गए।
वैंस का बहुमुखी प्रतिभा
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने वैंस के नाम की घोषणा करते हुए बताया कि वैंस ने मरीन कॉर्प्स में अमेरिका की सेवा की है। उन्होंने वैंस को एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति के रूप में वर्णित किया। वैंस ने ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी और येल लॉ स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे येल लॉ जर्नल के संपादक और येल लॉ वेटरन्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने प्रौद्योगिकी और वित्तीय क्षेत्र में एक सफल करियर भी बनाया है।
निष्कर्ष
जेडी वैंस का सफर यह दर्शाता है कि राजनीति में कोई भी स्थाई शत्रु या मित्र नहीं होता। ट्रंप के कट्टर आलोचक से उनके सबसे बड़े समर्थक बनने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि राजनीतिक जीवन में विचारधारा और अवसरवाद दोनों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। वैंस के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने से आगामी चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
आने वाले समय में देखना होगा कि जेडी वैंस और डोनाल्ड ट्रंप की इस नई जोड़ी का चुनावी सफर कैसा रहता है और क्या यह अमेरिकी राजनीति में कोई नई इबारत लिख पाता है।




































