संत शिरोमणि सैन महाराज जयंती पर ऋषि नगर में प्रतिभा सम्मान समारोह, मेयर प्रवीण पोपली ने नए चौक की घोषणा की
संत शिरोमणि सैन जी महाराज की जयंती की पूर्व संध्या पर ऋषि नगर स्थित सैन धर्मशाला में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे समाजजन और अतिथियों की मौजूदगी में समारोह की शुरुआत रागनी गायक खरक राम की भक्ति प्रस्तुतियों से हुई, जिनमें सैन महाराज की वाणी और उनकी भक्ति परंपरा का भावपूर्ण वर्णन था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेयर प्रवीण पोपली और समाजसेवी सुरेन्द्र रजलीवाल उर्फ बेदी रहे, जबकि हिसार सैन सभा के अध्यक्ष नरेश सेलपाड़ और हरियाणा कोर कमेटी के कोषाध्यक्ष विनोद सरोहा ने संयुक्त रूप से मंच संचालन और अध्यक्षता संभाली।
समारोह के दौरान शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 71 बच्चों और युवाओं को सम्मानित किया गया। मंच पर नवोदित प्रतिभाओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
संत शिरोमणि सैन महाराज की जयंती पर मेयर प्रवीन पोपली विद्यार्थियों को सम्मानित करते।
कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें पार्षद नवीन कुमार, डॉ. जितेंद्र गौड़, चौधरी सुरेश मोयल, डॉ. सुरेंद्र ढंढेरी, इंस्पेक्टर भीम सिंह, कर्ण सिंह शाहपुर, बंसीलाल सीए, संजय हकृवि, अशोक हरिकोट, विजय सैन, मनोज सैन, महेंद्र खरबला सहित समाज के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

मेयर के संबोधन की प्रमुख बातें
1. सैन महाराज ने आत्मनिर्भर और शिक्षा का संदेश दिया : मेयर प्रवीण पोपली ने बताया की सैन महाराज ने हमेशा अपने जीवन में शिक्षा , जागरूकता और आत्मनिर्भरता को अधिक महत्व दिया। उन्होंने विकट परिस्थितियों में भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद की और उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा दी। उनके अनुसार शिक्षा ही मनुष्य के अंदर विवेक और आत्मविश्वास को जगाती है।
इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने घोषणा की कि हिसार शहर में संत शिरोमणि सैन महाराज के नाम से एक नया चौक बनाया जाएगा।
2. चौक के लिए जल्द होगी फिजिकल वेरिफिकेशन
मेयर ने कहा कि चौक के स्थान का चयन जल्द किया जाएगा और उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन करवाकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि सैन महाराज निर्गुण भक्ति परंपरा के महान संत थे, जिन्होंने सहजता, सेवा और मानवता को सर्वोपरि माना।
समारोह के अंत में मुख्य अतिथियों का स्वागत नरेन्द्र दिनोदिया, सरपंच हरिओम खरबला, बलवान डोलिया, सुरेश मोयल बालसमंदिया, रामनिवास मोयल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा किया गया।




































